आज का राशिफ़ल

हरिशंकर यादव का गीत - तुम हथेली पर हमारे हाथ रक्खो कल तुम्हारा हाथ ,कोई मांग लेगा


 

तुम हथेली पर हमारे  हाथ रक्खो

कल तुम्हारा हाथ ,कोई मांग लेगा


आज  हम  सब  रो  रहें  हैं  रो  रहे  चंदा , सितारे

आज तक हम इक नदी थे , अब हुए हैं दो किनारे



ये शरारत इन पलों को साथ रक्खो

कल तुम्हारा साथ,  कोई मांग लेगा


कल तुम्हारे हाथ में खुशियों की इक मेंहदी सजेगी

घर  सजेगा ,  मन   सजेगा   और  शहनाई  बजेगी


तुम हमारे  प्यार  की  ये रात रक्खो

कल मिलन की रात कोई मांग लेगा


जब  तुम्हें  मैं याद  आऊं  गीत लिखना और गाना

हैं  उन्हीं  में  प्यार  जीवित सोचना और मुस्कुराना


अपने अधरों को हमारे माथ रक्खो

कल तुम्हारा  माथ,  कोई मांग लेगा


हरिशंकर यादव

सुल्तानपुर उ.प्र.

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