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बैंक शाखा स्थानांतरित होने से खफा ग्रामीणों अमौली बीओबी में किया प्रर्दशन


*रवीन्द्र त्रिपाठी इंकलाब न्यूज*

फतेहपर,15सितम्बर।अमौली कस्बे में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक के स्थानांतरण को लेकर किया प्रदर्शन। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक शाखा के मैनेजर के माध्यम से जिलाधिकारी फतेहपुर को ज्ञापन सौंपा। इकट्ठा भीड़ की जानकारी पाते ही स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद हुई। पुलिस के समझाने के बावजूद भी भीड़ टस से मस नहीं हुई और बैंक शाखा की वापसी के लिए नारेबाजी करती रही।
थाना चांदपुर क्षेत्र के कस्बे अमौली में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में मंगलवार को भीड़ अचानक सैकड़ों की संख्या में जुटने लगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमौली कस्बे से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित सरहन बुजुर्ग गांव में बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा वर्ष 2014 में स्थापित की गई थी। जिसमें क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों के लोगों के खाता इसी बैंक में खुले हुए थे। सरहन बुजुर्ग स्थिति बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा का सम्पूर्ण कार्य बैंक आफ बडौदा शाखा अमौली में स्थानांतरित कर दिया गया। जिसको लेकर सोमवार को सरहन बुजुर्ग स्थित बैंक की शाखा में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। सोमवार को पूरे दिन ग्रामीणों का प्रदर्शन बैंक स्थल पर होता रहा फिर भी कोई बैंक कर्मचारी वहां नहीं पहुंचे। तब जाकर धीरे-धीरे शाम के वक्त तक लोगों का प्रदर्शन शांत हुआ। दूसरे दिन मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने अमौली कस्बे स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में भी पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बैंक कर्मचारियों ने बैंक में लोगों की भीड़ बढ़ते देख तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मय फोर्स मौके पर पहुंची। और लोगों को समझाना बुझाना शुरू किया लेकिन जनता इतनी आक्रोशित थी की बैंक में तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के साथ आई महिलाओं ने बैंक कर्मचारियों के साथ बहस करने लगी जिसके बाद महिला कांस्टेबल ने पहुंचकर आक्रोशित महिलाओं को समझाया। ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर को ज्ञापन भी सौंपा और मैनेजर ने लोगों को आश्वाशन दिया कि जल्द ही उनकी समस्या को उच्चाधिकारियों से बात करके हल किया जाएगा। तब जाकर ग्रामीणों का प्रदर्शन शांत हुआ। ग्रामीणों ने सोते हुए ज्ञापन के माध्यम से बताया कि सराहन बुजुर्ग शाखा में लगभग 10000 लोगों के खाते खुले हुए हैं जिनमें क्षेत्र के सरहन बुजुर्ग, बरामपुर, भगलापुर, मकरंदपुर, रूरा,सरहन खुर्द, इटरा, केवटरा, कहिंजरा, एत्मादपुर, जारा, नारायणपुर, गौरी, धाना, सिकंदरपुर, रुस्तमपुर, मटरू का डेरा, दुर्गा का डेरा, अहीरनपुर आदि गांवों के खाताधारियों के खाते इसी बैंक में हैं। जिनमें सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ इन्हीं खातों के द्वारा मिल रहा है। पत्र के माध्यम से लोगों ने बताया कि बैंक बंद हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है इसलिए उनकी मांगे हैं की बैंक को स्थानांतरित ना किया जाए। आक्रोशित ग्रामीणों में धर्मेंद्र कुमार, दयाशंकर, रामनारायण, नरेंद्र यादव, प्रमोद तिवारी, संतोष, रोहित, सुनीता, जितेंद्र यादव, रघुराज, फूलचंद्र, पूनम देवी, सर्वेश कुमार, शिव शरण सिंह, रामखेलावन, लंकेश प्रसाद, संदीप कुमार, कुलदीप, शिवनारायण, मनीष, नेहा देवी, अनीता, ननकी, राजपति, विद्यावती, उषा, आशा देवी, शिवम, साक्षी देवी, पारुल, शांति, ममता देवी, निर्मला देवी, यशोदा आदि लोग रहे।

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