विकास खंड हसवा, जहां कम्प्यूटर आपरेटर करता है कमीशन का लेन-देन*



*रवीन्द्र त्रिपाठी इंकलाब न्यूज*

 फतेहपर,15सितम्बर।मलवां विकास खंड की तरह ही हंसवा में भी विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है।सामानों की आपूर्ति से लेकर वॉल पेंटिंग एवं गुणवत्ताविहीन काम तथा मनरेगा में फर्जीवाड़े की जांच में कईयों की गर्दन नपती नजर आएगी।वॉल पेंटिंग के मामले में प्रधानों के पाले में बीडीओ द्वारा डाली जा रही गेंद उल्टी पड़ती जा रही है।कई प्रधानों ने वॉल पेंटिंग स्वयं ना कराए जाने का शपथ पत्र दिए जाने का मन बनाया है।विकास खंड में विकास कार्यों में कमीशन के खेल को एक कंप्यूटर ऑपरेटर के जरिए खेला जाता है और यही कंप्यूटर ऑपरेटर मिलने वाले कमीशन का पूरा लेखा-जोखा रखता है। जिले में विकास कार्यों तथा मनरेगा के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से जिलाधिकारी खुद भी हतप्रभ है।
         विकास खंडों में खेले जा रहे खेलों की जानकारी जिलाधिकारी तक पहुंच रही हैऔर जल्द ही इनकी जांच कराए जाने के लिए टीमें गठित करने की तैयारी है। विकास खंड की 58 ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण एवं स्वच्छता जागरूकता की वॉल पेंटिंग का काम बिना टेंडर के मनमाने तरीके से कानपुर की मनचाही फर्म से ऊंचे दामों में करा लिया गया।₹5-6हजार की होने वाली वॉल पेंटिंग के ग्राम पंचायतों से ₹24 से ₹27 हजार तक की वसूली का दबाव बनाया जा रहा है।विकास कार्यों की जांच के भय से ना प्रधान बोल पा रहे हैं और ना सचिव लेकिन मुख्य विकास अधिकारी द्वारा वॉल पेंटिंग के भुगतान पर रोक लगाए जाने के बाद प्रधानों व सचिवों में दम बढा है। उन्होंने भुगतान न करने का फैसला कर लिया है।इसी विकासखंड में पूर्व में मनरेगा कार्यों में लगने वाले साइन बोर्डों का भी बड़ा घोटाला किया गया है।कच्चे काम में4फीसदी व पक्के काम में5फ़ीसदी के कमीशन के चक्कर में विकास कार्यों में गड़बड़ी करने की खुली छूट दे दी गई है।
       इसी का नतीजा है कि सरकार का करोड़ों रुपया विकास के नाम पर खफ तो रहा है लेकिन गांवों के विकास की तस्वीरें अभी धुंधली ही हैं। हंसवा विकास खंड भ्रष्टाचार के मामले में शुरू से ही हातिम रहा है।इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी हो गई है और भ्रष्टाचार का बड़ा पुलिंदा शासन-प्रशासन तक पहुंचाए जाने की तैयारी है।सूत्र बताते हैं कि खंड विकास अधिकारी द्वारा सत्ताधारियों का आशीर्वाद होने की बात भी की जा रही है।इसी के चलते बडे-बडे खेल खेले जा रहे हैं। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी ने जिस तरह से मलवां विकास खंड में बड़े पैमाने पर घोटाला पकड़ा है,ऐसे ही हंसवा सहित अन्य विकास खंडों में विकास कार्यों के नाम पर किए जा रहे घोटालों, भ्रष्टाचारों की जांच के लिए क्या कदम उठाते हैं?हालांकि जिलाधिकारी संजीव सिंह को भ्रष्टाचार के कई मामलों की मिली शिकायत के बाद विकासखंड के विकास कार्यों की जांच होना तय है। भ्रष्टाचारियों ने जिले की आबो-हवा खराब कर विकास को पलीता लगाया है और योगी सरकार की साख में बट्टा लगाने का भी काम कर रहे हैं।

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