फतेहपुर में भी हो सकता है टिड्डी दल का आक्रमण-कृषि रक्षा अधिकारी




रवींद्र त्रिपाठी, वतन की कसम :फतेहपुर 23 मई ।जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सत्येंद्र सिंह ने बताया कि किसान भाइयों राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टिड्डा के प्रकोप के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश के राजस्थान पंजाब एवं हरियाणा से सटे हुए जनपदों में टिड्डा के प्रकोप देखा गया है । टिड्डी दल का प्रकोप महामारी स्वरूप ग्रहण कर लेता है वर्तमान में टिड्डी दल राजस्थान से होकर मध्य प्रदेश के उज्जैन में दिखाई  दिए हैं । उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों आगरा , मथुरा एवं झांसी में पहुंचने की प्रबल संभावना है । अतः यह आवश्यक है कि जनपद फतेहपुर में निरंतर निगरानी की जाए ताकि किसी भी स्तर के प्रकोप की दशा में समय पर नियंत्रण पाया जा सके । टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में निम्नलिखित सुझाव एवं संस्तुतियों का अनुपालन करें-
एकीडाइइडी परिवार के अर्थाप्टोरा  गण का कीट है जो कि हेमिप्टेरा वंश का कीट टिड्डी या फसल टिड्डी कहलाता है । मादा टीडी मिट्टी में कोष्ठ पोस्ट बनाकर रहती है । शिशु टिड्डी का भोजन वनस्पति है और यह पांच-छः सप्ताह में वयस्क हो जाती है । टिड्डी का विकास आद्रता और ताप पर अत्यधिक निर्भर करता है जहां जलवा असंतुलित होती है और निवास स्थान सीमित होते हैं इन स्थानों पर रहने से अनुकूल ऋतु इनकी सीमित संख्या को फैलाने में सहायक होती है । वयस्क टिड्डियां एक दिन में लगभग 150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती हैं । बसंत का मौसम एवं बलुई मिट्टी टिड्डे के प्रजनन एवं अंडे देने हेतु सर्वाधिक अनुकूल होता है । अतः टिड्डी दल के आक्रमण से संभावित ऐसी मिट्टी वाले क्षेत्रों में जुताई करवा दें एवं जल का भराव करा दे ऐसी दशा में टिड्डी के विकास की संभावना कम हो जाती है ।
टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना ग्राम प्रधान, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से कृषि रक्षा इकाई /राजकीय कृषि बीज भंडार/कृषि विभाग /जिला प्रशासन तक तत्काल पहुचाए ।
 टिड्डी  के प्रकोप की दशा में एक साथ इकट्ठा होकर टीन के डिब्बे, थालियां आदि को बजाते हुए शोर मचाए । शोर से टिड्डी दाल आस-पास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पाएंगे ।
 टिड्डी दल के न्यून/माध्यम प्रकोप की दशा में कृषक भाई एक साथ मिलकर क्योरपायरीफास 20 प्रतिशत ई0सी0 अथवा लैम्डासाहलोथ्रीन 05 प्रतिशत ई0सी0 का तीब्र छिड़काव करें ।
 टिड्डी दल के नियंत्रण हेतु रसायन मैलाथियान 96 प्रतिशत यू0एल0वी0 का छिड़काव अत्यंत प्रभावी होता है । परंतु इस रसायन का जन सामान्य को उपलब्धता न होने के कारण कृषक स्तर से इसका छिड़काव नही किया जा सकता । यह रसायन टिड्डा नियंत्रण से संबंधित सरकारी तंत्र को ही उपलब्ध हो सकता है । इसलिए टिड्डी दल को आक्रमण की दशा में लोकस्ट कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन , फरीदाबाद को www//ppqs.gov.in पर केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र, लखनऊ को फोन नंबर 0522-2732063 एवं ई-मेल ipmup12@nic.in पर सूचित करें ताकि प्रशिक्षित व्यक्तियों एवं समुचित यंत्रो के माध्यम से प्रभावशाली नियंत्रण कराया जा सकें ।

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