जब कोटेदार की शिकायत करने को उमड पड़े नहरामऊ के ग्रामीण ,प्रवासी श्रमिकों को भी मनरेगा में नहीं मिल रहा है काम - रवींद्र त्रिपाठी


फतेहपुर 21 मई ।विकास खंड देवमई के ग्राम नहरामऊ में कोटेदार द्वारा राशन न दिए जाने की शिकायत आधा सैकड़ा लोगों ने करते हुए बताया कि उन्हें पिछले लंबे अरसे से कोटेदार ने राशन नहीं दिया। इनमें कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अपनी शिकायत ऑनलाइन कराई और बिंदकी सप्लाई ऑफिस में जाकर भी अपनी व्यथा सुनाई किंतु इसका अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज गुरुवार को ग्राम नहरामऊ में उस समय लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। जब विकासखंड देवमई क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक गांव गए तो ग्रामीणों ने पूर्ति निरीक्षक को कोटेदार द्वारा राशन न दिए जाने की शिकायत की और कुछ लोगों ने उन्हें ऑनलाइन कराए जाने वाले शिकायती पत्रों को भी दिखाया। लोगों की हो रही इकट्ठा भीड़ की खबर पर बकेवर पुलिस भी मौके पर पहुंची ग्रामीणों ने बताया कि नहरामऊ का कोटेदार राम सजीवन गुप्ता राशन वितरण में पिछले काफी दिनों से अनियमितता बरत रहा है।  जब इसकी शिकायत की जाती है तो पूर्ति विभाग के अधिकारी भी कोई एक्शन नहीं लेते हैं ।
गांव के देवीदयाल पुत्र द्वारिका प्रसाद उम्र 80 वर्ष वृद्ध ने बताया कि कोटेदार उसे पिछले 8 महीनों से यह कहकर राशन नहीं दे रहा है कि उसका नाम सूची से कट गया है।
 देवीदयाल कूचा बना करके किसी तरीके से अपना जीवन यापन कर रहा है ।इसी तरीके जानकी पत्नी उम्र 80 वर्ष की वृद्धा ने बताया कि 4 माह से कोटेदार उसे राशन नहीं दे रहा है। कोटेदार के पास जाते हैं तो कहता है कि तुम्हारा नाम सूची से कट गया है। काफी जद्दोजहद के बाद कल उसने 5 किलो गेहूं दिया है। गांव की ही रामदुलारी पत्नी राजाराम का भी यही कहना है कि पिछले 4 महीनों से कोटेदारों ने राशन नहीं दे रहा है ।गांव के कालीचरण का भी यही कहना है कि पिछले 8 महीनों से कोटेदार राशन नहीं दे रहा है और कह रहा है कि तुम्हारा नाम कट गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार कोटेदार की शिकायत को लेकर जब ग्राम प्रधान के घर जाते हैं तो ग्राम प्रधान भी मौके पर उपलब्ध नहीं होता है ।
गांव में पूर्ति निरीक्षक के पहुंचते ही लगभग 200 ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया, और उन्होंने कोटेदार पर तरह-तरह के आरोप आरोप लगाए। गांव के लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने एक संयुक्त शिकायती पत्र भी उच्चाधिकारियों को दिया है। शिकायत पत्र में हस्ताक्षर करने वालों में बदलू ,सूबेदार ,राम सजीवन, रन्नो ,अनसूया, बुधिया, रामपति सहित लगभग आधा सैकड़ा लोग शामिल है।
 इस संबंध में जब पूर्ति निरीक्षक क्षेत्र देवमई विवेक सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नाटरिचेबल ही बताता रहा।
 सूचना पर बकेवर के सब इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह व आदित्य नारायण सिंह भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। किंतु ग्रामीण किसी भी बात को  मानने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि कोटेदार हमेशा से इसी तरह का व्यवहार करता है और जब कोई राशन की बात करता है तो उसे साफ साफ कह देता है कि तुम्हारा नाम सूची से कट गया  है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूर्ति कार्यालय बिंदकी में भी जाकर कोटेदार की शिकायत किया है किंतु पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत की वजह से कोटेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नहरामऊ गांव में आए प्रवासी श्रमिकों ने बताया कि गांव आने के बाद उनके सामने दो जून की रोटी भी नसीब हो रही है।ग्राम प्रधान मनरेगा के तहत भी काम नही देरहे हैं।जिसमें उन्हें रोटी के लिए भटकना न पडे़। जब कि सरकार गांव मे काम देने को कह रही है।

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