हस्ताक्षरम् साहित्यिक संस्था की द्वितीय काव्यगोष्ठी संपन्न



रविवार दिनांक ८ दिसम्बर 2019 को भायंदर के नवघर रोड स्थित ब्रम्हकुमारी राजयोग सेंटर में हस्ताक्षरम् साहित्यिक संस्था की द्वितीय काव्यगोष्ठी महानगर व उपनगर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
       गोष्ठी की अध्यक्षता श्री "अमरनाथ द्विवेदी" ने की। संचालन का कार्यभार मृदुल तिवारी 'महक' ने बखूबी निभाया।
      अपने विभिन्न रस की काव्यधारा से सभी को सराबोर करने वाले साहित्यकारों में  सुरेश सरोज, अभय चौरसिया, प्रभाकर मिश्र, उपेंद्र पांडेय,  डाँ. मृदुल तिवारी 'महक', रमेश श्रीवास्तव, अमरनाथ द्विवेदी, श्रीनाथ शर्मा, निर्मल शुक्ल 'नदीम', ज्ञानेश तिवारी , रेशमा तिवारी,  वाचस्पति तिवारी, रमेश श्रीवास्तव ने भायंदर में साहित्यिक श्रावण की अनुभूति कराई।
    शुरूआत में मुख्य अतिथि दीदी भानूबेन ने अपने संबोधन में साहित्य के स्तर के उत्थान की कामना की, अंत में अध्यक्ष महोदय ने सफल काव्य आयोजन के लिए मृदुल तिवारी 'महक' को बधाई और शुभकामनाएं दी। वाचस्पति तिवारी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अगली गोष्ठी में सभी की अपेक्षा की गई।
महत्वपूर्ण कविताएँ--लँगड़े , लूले, अंधे, काने, दौड़ रहे हैं रेस में।
श्रीनाथ शर्मा--खुशी के गीत गा के का होई।
 रमेश श्रीवास्तव--घर में ही दंगल है।
मृदुल तिवारी'महक'- मोम बाती सी  सखे हर रात मैं जलती रही।
उपेंद्र पांडेय---जो सरेआम कहा नहीं होता।

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