पुलिस की मनोदशा के आकलन का डाटा कंप्यूटर में दर्ज होगा निदेशक पर्यावरण व मनोचिकित्सक ने दिया प्रशिक्षण





प्रशिक्षण देते निदेशक डा. के.एन.सिंह साथ में पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा

फतेहपुर,2 दिसम्बर । पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों में व्याप्त तनाव वह उससे जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पुलिस महकमा विशेष अभियान चला रहा है ।इनसे बचाव के लिए योजना निदेशक पर्यावरण मनोचिकित्सा चिकित्सा योजना डॉ केएन सिंह द्वारा प्रशिक्षण कराया गया।
          उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मियों में विभिन्न कारणों से व्याप्त तनाव एवं पर्यावरण संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा गत 30 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत अनुपालन में फतेहपुर जनपद में थाना स्तर से लेकर पुलिस लाइन एवं पुलिस कार्यालय में मनोवैज्ञानिक सलाहकार  डॉ केएन सिंह द्वारा हरे पेड़ पौधों का भौतिक प्रदर्शन कर उनके पंचांग गुणों को उपयोग की विधिवत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि तनाव से विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं। जिनमे मानसिक रोग, मधुमेह, स्मरण शक्ति लोप, रक्तचाप, हृदयरोग, भूख न लगना गैस और मस्तिष्क के रोगों का उत्पन्न होना अंततः लकवा तक होना  इनसे दूर करने के उपाय के बारे में विस्तार से बताया गया।
        सर्वोच्च न्यायालय के पर्यावरण संबंधी आदेश के अनुपालन में यह योजना उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा पर्यावरण सुरक्षा एवं मनोचिकित्सा योजना के तहत जनपद में 3 दिनों का चिकित्सा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया।
   
 मुख्यालय के आदेश के अनुपालन में थाना स्तर से लेकर पुलिस के प्रत्येक कार्यालय के चिकित्सा स्टाफ मनोचिकित्सक, योग प्रशिक्षण तथा प्रत्येक व्यक्ति की मनोदशा के आकलन का प्रतिदिन का डाटा कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा।
  पुलिस अधीक्षक को कोआर्डिनेटर के रखा गया है ताकि योजना का भरपूर लाभ पुलिस के प्रत्येक व्यक्ति को मिल
 सके ।गृह मंत्रालय से शीघ्र ही इस हेतु अच्छे बजट की प्रत्याशा है ।इसी को दृष्टि में रखकर योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है ।इस योजना का लाभ पुलिसकर्मियों के परिजनों को भी प्राप्त हो सकेगा ।
पुलिस अधीक्षक फतेहपुर प्रशांत वर्मा द्वारा इस योजना का परीक्षण एवं मनोवैज्ञानिक हर्बल चिकित्सा कार्यक्रम सुचारु रुप से कराया गया और यह कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा। बृहद चिकित्सा शिविर पुलिस लाइन कार्यालय एवं थाना स्तर पर समय-समय पर लगाए भी जाएंगे।

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