फतेहपुर में खनन माफियाओं का खेल: रॉयल्टी में लाखों की हेराफेरी -- उत्तर प्रदेश खनन निदेशक डॉ रोशन जैकब के निर्देश का भी असर नहीं


फतेहपुर 4 दिसंबर ।यमुना नदी में मोरम खनन खनन की सीबीआई जांच का यहां के खनन माफियाओं पर कोई खौफ नजर नहीं आता ।अब खनन माफियाओं ने यमुना तलहटी को छोड़कर गंगा तलहटी में आकर अपना खेल शुरू कर दिया है। मोरम की जगह है अब बालू खनन का काम प्रशासनिक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर किया जा रहा है। इस खेल में जीएमआर व
पीएमसी के ठेकेदार भी शामिल हैं। इन विभागों के ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे बालू खनन की रॉयल्टी का भी खनन विभाग के पास आंकडा नजर नही आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद फतेहपुर के भिटौरा गंगा घाट के किनारे 300 मीटर के अंदर खनन करना कानूनन अपराध है। इसके बावजूद खनन विभाग से बिना परमिशन और बिना रायल्टी जमा किये  बालू खनन करना जहां अपराध है वही खनन विभाग पर भी एक सवालिया निशान है ?जानकार लोगों का कहना है कि भिटौरा गंगा घाट में जी एम आर रेलवे का ठेकेदार व  पीएमसी हाईवे ठेकेदार पोकलैंड व जेसीबी मशीनों से बालू खनन बेरोकटोक करा रहा है। बताया तो यहां तक गया है कि इनके द्वारा खनन विभाग में रॉयल्टी भी नहीं जमा कराई गई है ।
इसी तरह गंगा तलेटी के अन्य घाटों में भी अवैध खनन का कारोबार चल रहा है। अवैध खनन को लेकर पिछले काफी दिनों से समाचार पत्रों में इस आशय की खबरें प्रकाशित होने के बाद भी इन मगरमच्छ खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई न होना जिला प्रशासन व खनन विभाग पर उंगली उठाता है। मालूम हो कि अगस्त 2019 में उत्तर प्रदेश खनिज निदेशक डॉ रोशन जैकब ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया था कि लेखपाल व कानूनगो की एक टीम बनाकर गंगा व यमुना तलहटी की पैमाइश कराएं और अवैध खनन का आकलन कराते हुए अवैध खनन करने वाले लोगों पर एफ आई आर दर्ज कर कार्रवाई कराएं। उनके इस निर्देश के बाद भी खनन माफिया सक्रिय हैं और निर्भीक होकर बालू खनन करा रहे हैं ।इस बारे में यह भी बताया गया है कि फतेहपुर जनपद में खनन माफियाओं को सत्ता पक्ष के कद्दावर नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इसीलिए इनके खिलाफ खनन विभाग कोई भी कार्रवाई करने में अपने आप को सक्षम नहीं पा रहा है ।
जनपद के ईट भट्ठा मालिकों का कहना है कि बिना बालू के उनके ईट भट्ठों पर पथाई का काम ठप पड़ा है। बालू के लिए खनन विभाग से अनुमति प्राप्त करने के लिए आवेदन किया गया था किंतु आज तक खनन विभाग ने परमिशन नहीं दिया। जब की अवैध रूप से बिना परमिशन के बालू खनन की जा रही है।

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