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फतेहपुर में पढाई की जगह छिलवाई जाती है घास: ऐसे बनेगा छात्रों का भविष्य



फावडा चलाता छात्र(ऊपर) प्रधाध्यापिका ममता गुप्ता सफाई देती

फतेहपुर,4 दिसम्बर। केंद्र व प्रदेश सरकार चाहे जितने भी प्रयास कर ले किन्तु फतेहपुर जनपद.के विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार देखने को नही मिल रहा। हसवा ब्लाक के राजकीय हाई स्कूल एकारी में तो पढाई की जगह छात्र- छात्राओं से साफ सफाई के साथ घास छिलवाई जाती है। इसके विरोध में छात्र उतर आए और स्कूल की प्रधानाध्यापिका पर गंभीर आरोप लगाये है।
प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का भर्षक प्रयास भले ही कर रही हो लेकिन विद्यालयों में तैनात अध्यापक सरकार के मंसा को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे है। फतेहपुर जनपद में तो हालत यह है कि राजकीय विद्यालय में पढाई करवाने के बजाय बच्चों से खुरपी और फावड़ा चलवाया जा रहा है। जिले के हसवा विकास खण्ड  के एकारी गांव में स्थित राजकीय हाईस्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे रोज दो घण्टे तक घास छिलवाई जाती है। इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे अगर इस बात का विरोध करते है कि वह लोग इस काम को नहीं करेंगे तो उन्हें प्रैक्टिकल में मिलने वाले अंक काट लेने और प्रवेश पत्र ना देने की धमकी दी जाती है।
इस विद्यालय में कुल 90 छात्र- छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते है। इनको पढ़ाने की जिम्मेदारी विद्यालय में तैनात केवल दो शिक्षिकाओं में ऊपर है।जिसमे से एक शिक्षिका अक्सर स्कूल से गायब रहती है । स्कूल आने वाले बच्चों को पढ़ाना न पड़े इससे बचने के लिए यहाँ तैनात प्रिंसपल ने अनोखा तरीका इजात कर लिया है।बच्चों को पढाई के बजाय सवेरे स्कूल आते ही उन्हें खुरपी और फावड़ा पकड़ा दिया जाता है और बच्चे प्रैक्टिकल में नंबर न कटे इस लालच में किताब छोड़कर घास छीलने व फावड़ा चलाने पर मजबूर हो रहे है।
यह बच्चे प्रधानाध्यापिका की धमकी के आगे मजबूर होकर काम कर रहे है। गरीब परिवारों से सम्बन्ध रखने वाले इन बच्चों के अभिवावक को अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए उन्हें स्कूल भेजते है लेकिन विद्यालय में तैनात प्रधानध्यापिका इन बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे सफाई का काम करवा रही है। विद्यायल में सफाई का काम कर रहे बच्चों ने जब प्रधानाध्यापिका के सामने ही उनकी पोल खोल दी तो वह झल्ला उठी।
विद्यालय के छात्र रितिक साहू ने बताया कि मैम पढ़ाने की जगह प्राय: स्कूल की सफाई व परिसर की घास छिलवाती हैं। मना करने पर प्रैक्टिकल में फेल करा देने को कहती हैं।दो घंटे अनिवार्य रूप से सफाई कराई जाती है।
छात्र महेश कुमार व शिवम ने भी बताया कि एक मैम कभी कभी आती है। हेड मैम पहले दो घंटे सफाई के साथ घास छिलवाती हैं।छात्रों ने मौजूद प्रधानाध्यापिका  पर यह भी आरोप लगाया कि टायलेट में ताला लगा दिया गया है।जिससे उन्हें लघुशंका के लिए बाहर जाना पड़ता है।
इस संबंध में जब विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ममता गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने ने बताया कि बच्चे टायलेट गंदा कर देते हैं इसलिए ताला लगा दिया है। विद्यालय में तीन लोग बाबू सहित हैं। मै आर्ट और बाबू गणित पढ़ाता है। छात्र पढ़ना नही चाहते हैं तो यही काम करें।
शिक्षिका के इस आरोप कि छात्र पढ़ना नहीं चाहते का विरोध करते हुए छात्रों ने कहा कि मैम झूठ बोल रही हैं.।
छात्रों ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मामले की जांच कराने की मांग की हैं।

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