फसलों को कीटों से बचाएं किसान: सत्येन्र्द सिंह


फतेहपुर 08 नवम्बर। फसलों में विभिन्न बीज जनित एवं भूमि जनित रोगों कीटो से फसलों को बचाना आवश्यक है ।
 यह जानकारी देते हुए जिला कृषि अधिकारी सत्येन्र्द सिंहने बताया कि भूमि जनित एवं बीज जनित रोगों से बचाव हेतु भूमि शोधन एवं बीज शोधन अति अवश्यक है ।
भूमि शोधन हेतु किसान भाई ट्राइकोडर्मा हरजेनियंम 1.5प्रतिशत एवं व्यूवेरिया वैसियाना 1 प्रतिशत की 2.50 किग्रा मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 60-75 किग्रा सड़ी गोबर की खाद से मिलाकर 8-10 दिन जूट के बोरे से ढक कर छाया में रखे  एवं पानी के छीटे प्रतिदिन मारते रहे , तत्तपश्चात अंतिम जुताई के समय खेत मे मिलाकर भूमि उपचारित करे । इसी प्रकार गेंहू, चना, राई, सरसो बीज शोधन हेतु थीरम 75 प्रति डी0पी0 2.5 ग्राम मात्रा को 01 किग्रा बीज की दर से शोधन करे । आलू के बीज उपचार हेतु कॉर्बेंडाजिम 50 प्रतिशत w.p. 01 ग्राम अथवा मैकोजेब 75 प्रतिशत डब्लू पी 2 ग्राम प्रति ली0 पानी मे घोल तैयार कर बीज उपचारित करे । एक बार मे बनाये गए घोल में 10-15 वार आलू को उपचारित किया जा सकता है । उपचारित बीज की बुआई 24 घंटे के अंदर अवश्य कर ले ।

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