हर्षित के अपहरण की गुत्थी सुलझाना तो दूर विवेचक को यह भी पता नहीं रिपोर्ट कहा दर्ज



   अपहृत हर्षित की सायकिल बरामदगी  जांच अधिकारी की      मौजूदगी में यही  से हुई।

फतेहपुर ,25 नवंबर ।तीन माह पूर्व कस्बा बकेवर से आपहृत नाबालिग हर्षित का पता लगाने में थाना बकेवर पुलिस कितनी लापरवाह है इसका उदाहरण मुख्यमंत्री को की गई कार्रवाई  रिपोर्ट विवेचक ने जो भेजी है उसने गुमशुदगी को थाना बिन्दकी में दर्ज किए जाने का हवाला दिया है ।जबकि गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना बकेवर में ही दर्ज है ।मजेदार बात तो यह है कि विवेचक द्वारा प्रेषित की गई रिपोर्ट को हुबहू उप पुलिस अधीक्षक बिंदकी कार्यालय द्वारा भी मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दी गई है।
 प्रेषित जांच आख्या को देखने से ही पता चलता है कि बकेवर पुलिस क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं के प्रति कितनी संवेदन सील है ।
चार सितंबर को लगभग शाम 5:00 बजे कस्बे से देवेंद्र कुमार त्रिपाठी की 15 वर्षीय पुत्र हर्षित उर्फ कल्लू को गांव का ही एक अपराधिक किस्म का युवक ले गया था ।जिसका अभी तक बकेवर पुलिस पता नहीं लगा पाई है ।अपहृत किशोर के पिता ने बताया कि हर्षित के अपहरण के बाद विवेचक ने बिजुरी रोड के जंगल की झाड़ियों से हर्षित की साइकिल बरामद की थी। जिसे जांच में नहीं दिखाया।
 अपराधिक युवक ऋषि उर्फ भरोसे के बारे में जहानाबाद रोड पर स्थित बिहारी होटल की संचालिका जहरी देवी द्वारा इंस्पेक्टर की मौजूदगी में  दिए गए बयान को भी नहीं दर्शाया। जबकि होटल संचालिका जहरी  ने पुलिस को बताया था कि हर्षित उर्फ कल्लू को बकेवर कस्बे का ऋषि उर्फ भरोसे लिवाकर उसके होटल में आया था ।उसने यह भी बताया था कि उक्त अपराधिक किस्म का भरोसे उर्फ ऋषि पास की ही मोबाइल दुकान में प्रायः चोरी के मोबाइल बेचनेआता था। उसने यह भी बताया कि जब उसने भरोसे उर्फ ऋषि से यह पूछा कि तुम्हारे पास कितने फोन हैं जो तुम रोज बेचने के लिए आते हो ,तो उसने बताया कि उसके पास इतने फोन हैं जितने उसकी दुकान में नहीं हैं ।
सबसे मजेदार बात यह है कि  अपहृत किशोर की साइकिल को विवेचक द्वारा न दिखाया जाना और होटल संचालिका के बयान को जांच में न शामिल किया जाना स्वयं में पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है ।
इस मामले को लेकर पुलिस कितनी संजीदा है इसका आकलन उसके द्वारा प्रेषित की गई रिपोर्ट से भी पता चलता है कि जिस विवेचक को यह नहीं मालूम कि अपहृत  की गुमशुदगी की रिपोर्ट किस थाने में दर्ज कराई गई है।
अपहृत किशोर के पिता ने पहले भी मुख्यमंत्री ,डीजीपी ,एडीजी व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बकेवर पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाया था।  हर्षित उर्फ कल्लू के अपहरण को लेकर पूरे क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष है ।
उन्होंने इस मामले को किसी अन्य एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की है ।अपहृत हर्षित के पिता ने यह भी बताया कि बकेवर पुलिस को  भरोसे के उस नंबर की भी कॉल डिटेल निकलवाने के लिए दिया गया था जिसेकी कॉल डिटेल पुलिस द्वारा न  निकलाया जाना भी संदिग्ध प्रतीत होता है। जबकि होटल संचालिका ने यह स्पष्ट रूप से थाना इंस्पेक्टर को बताया था कि कि उक्त ऋषि उर्फ भरोसे  जो मोबाइल चोरी कर के लाया था उससे आधा दर्जन काल उसने की थी।

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