खनन में राजस्व को लगाया जा रहा फतेहपुर में जमकर चूना

 यमुना मोरम घाट अढावल-टू से बग़ैर रवन्ना के निकल रही मोरम
—शो-पीस बने खदान में लगे कैमरे, नहीं लग पाये धर्मकाटा

फ़तेहपुर 13 नवंबर। जनपद में लाल सोने का काला कारोबार शुरू हो गया है। यमुना मोरम घाट .अढावल-टू से बग़ैर रवन्ना के बड़े पैमाने पर ट्रक निकलने का मामला प्रकाश में आया है। ख़बर है कि दो दिन पूर्व शुरू हुए उक्त घाट ने पहले दिन से ही बड़ा खेल शुरू कर दिया है। बड़ी बात यह है कि अधिकांश ट्रकों को बग़ैर रवन्ना के ही घाट से ओवर लोड मोरम दी जा रही है। इस खेल में खनन विभाग की भूमिका भी संदिग्ध बताई जाती है।
    उल्लेखनीय है कि जनपद के यमुना घाटो से निकलने वाली मोरम के अवैध कारोबार में कई बड़े अधिकारियों के हाथ भी काले हो चुके है। पूर्व में यहाँ डीएम रहे राकेश कुमार को निलम्बित भी किया गया था व एक अन्य डीएम अभय के ख़िलाफ़ सीबीआई का शिकंजा कसने के बाद अभी हाल में मुक़दमा भी क़ायम हो गया है। अभी हाल में शुरू हुए यमुना घाटो में इस बार और बड़े खेल की पटकथा लिखी जा रही है, जिसमें जिम्मेदारो की भूमिका यक्ष प्रश्न बनी हुई है।
       भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार अभी हाल में जनपद का एक मात्र मोरम घाट अढ़ावल-टू शुरू हुआ है, जहाँ से रोज़ाना सैंकड़ों ट्रक व ट्राला ओवर लोड मोरम लेकर निकलते है, जहाँ पर प्रतिबंधित मशीनो से मोरम की लोडिंग होती है। घाट संचालक का हाईप्रोफ़ाइल सिस्टम स्थानीय अधिकारियों के भी सिर चढ़कर बोल रहा है। नतीजन नियमो की अनदेखी मजबूरी भी कही जा सकती है।
     ख़बर है कि इस घाट से 850 फ़ीट मोरम 23 हज़ार रुपये में और 11 सौ फ़ीट या उससे अधिक मोरम 25 हज़ार रुपये में दी जा रही है। उच्च स्तरीय सिस्टम सेट होने से राजस्व को तगड़ा नुक़सान हो रहा है और विभागीय ज़िम्मेदार इसे रोकने के प्रति कही से गम्भीर भी नहीं दिखते! इस मद में प्रशासन ने कल रात से उँगली थोड़ी ज़रूर टेढ़ी की है और एसडीएम बिंदकी प्रह्लाद सिंह ने तेज़ी दिखाते हुए ओवर लोड और बग़ैर रवन्ना के कई दर्जन ट्रकों का चालान भी किया किन्तु लाल सोना के काले कारोबार की अपत्रनी अजब कहानी में योगी का सिस्टम भी फ़िलहाल निष्प्रभावी साबित हो रहा है, जिसकी छींटे सफ़ेद पोशो के दामन तक पहुँच रही हैं।

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