सपा प्रदेश अध्यक्ष का भांजा पैतृक जनपद में तैनात


फतेहपुर,0 5 नवम्बर। प्रदेश सरकार के खादय एवं रसद मंत्री के जनपद में जिलापूर्ति विभाग फतेहपुर में सपा प्रदेश अध्यक्ष का भांजा वर्षों से अपने पैतृक जिले में   तैनाती पाकर शासनादेश की मंशा का मखौल उड़ा रहे है। सूबे में सत्ता भी बदली लेकिन अधिकारी कुर्सी पर काबिज रहा जिसकी वजह स्वाजातीय सत्ता के बडे नेताओं का संरक्षण मिलता रहा।
सूबे में सत्ता बदलती रही लेकिन करीब डेढ़ दशक से अपने पैतृक जनपद में  आपूर्ति विभाग में तैनात अधिकारी नहीं बदले। प्रदेश की योगी सरकार ने लंबे समय से जमे अधिकारियों का स्थानांतरण किए जाने के निर्देश दिए थे यहां के अधिकारियों ने इस आदेश को हवा में उडा दिया। जिला आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार हावी है। कोटेदारों से माहवारी वसूल की जाती। इन्हीं वजहों के चलते गरीबों को राशन आसानी से नहीं मिल पाता।
 जानकारी के मुताबिक सूबे की योगी सरकार ने तीन सालों या इससे अधिक जनपद में जमे अधिकारियों को गैर जनपद स्थानांतरण किए जाने के आदेश दिए थे। शासनादेश की मंशा के विपरीत जनपद की बिंदकी तहसील के पतारी गांव के रहने वाले पूर्ति विभाग के एआरओ मनोज अपने निवास क्षेत्र  के अधिकारी   भी है। सूत्रों की माने तो वर्षों से पैतृक जनपद फतेहपुर में पदस्थ  हैं। यह सप्लाई इंस्पेक्टर से पदोन्नति पाकर एआरओ की पोस्ट में बिंदकी तहसील क्षेत्र में तैनात है। एआरओ  मनोज का सगा भाई रामचंद्र  जो आपूर्ति विभाग में फतेहपुर में लंबे समय तक बाबू रहा । जिसका स्थानांतरण पिछले वर्ष कानपुर जनपद कर दिया गया।
वर्ष 2002 में  प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह बनें। वर्ष 2007 में प्रदेश में मुख्यमंत्री मायावती  बनीं इनके स्वाजातीय सूखदेव प्रसाद उमराव बिन्दकी से विधायक चुने गए। सूत्रों की माने तो बसपा विधायक का अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त रहा और जिससे टस से मश नहीं हुए। वर्ष 2012 में सूबे के मुख्यमंत्रीअखिलेश यादव बनें। सपा सरकार ने पूर्व मंत्री  नरेश उत्तम को प्रदेश संगठन की बागडोर सौपी तो इन  अधिकारियों का कद और रूतबा बरकरार रहा। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम फतेहपुर जनपद के  लाहुरी सराय गांव के पैतृक रहने वाले है। फतेहपुर आपूर्ति विभाग में लंबे समय से जमा अधिकारी प्रदेश अध्यक्ष  नरेश उत्तम का सगा भांजा है।
 2017 में योगी की सरकार बनी। अधिकारी नियम के विपरीत जनपद में तैनात है। भाजपा सरकार में भी इन्हें एक मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। इनकी बाबत सत्ता के नेताओं और अधिकारियों से  बात की गई तो कोई सही जवाब नहीं दे सका। इनकी तैनाती को लेकर आपूर्ति विभाग में इन दिनों तरह- तरह की चर्चाएं हो रही ।

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