सुदामा-कृष्ण की मित्रता से लोग ले सीख-आचार्य पंकज

         कथा श्रवण कराते आचार्य पंकज


फतेहपुर, 22 नवम्बर।शहर के क्रय विक्रय समिति खुशवन्तराय नगर मे चल रही सप्त दिवसीय श्रीमदभागत कथा के सातवे दिन आचार्य पंकज तिवारी ने सुदामा चरित की कथा को विस्तार से सुनाते हुए श्री कृष्ण व सुदामा  की मित्रता से सीख लेने को कहा।उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण  मात्र से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत श्रवण करने  से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं।
  व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं।विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। सुदामा और कृष्ण की मित्रता से लोगो को सीख लेना चाहिए।सुदामा कृष्ण की मित्रता समाज के लिये सच्ची मित्रता का संदेश है।
उन्होंने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है जो मन बुद्धि व चित्त को निर्मल कर देता है। मनुष्य का शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है।
कथा समापन पर आरती व प्रसाद वितरित किया गया।

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