विशिष्ट पोस्ट

डीएम व सीडीओ ने भी फाइलेरिया नियंत्रण की दवा खाई और बच्चों को खिलाई


फायलेरिया नियंत्रण कार्य क्रम बोलते जिलाधिकारी संजीव सिंह।
छात्राओं को दवा खिलाते जिलाधिकारी

फतेहपुर, 25 नवम्बर। जिलाधिकारी  राजकीय बालिका इंटर कालेज के हाल में "राष्ट्रीय फाइलेरिया नियंत्रण' कार्यक्रम का उदघाटन किया । जिलाधिकारी  संजीव सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी थमीम अंसरिया ए0 ने फाइलेरिया की दवा खायी और छात्राओं को भी खिलायी। इस मौके पर जिलाधिकारी ने  कहाकि  दिनाँक 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर 2019 तक फायलेरिया पखवाड़ा मनाया जा रहा है । बताया फाइलेरिया की दवा दो वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गम्भीर रूप से बीमार लोगों को नहीं खिलाना है और यह दवा खाली पेट नहीं खानी है । आइवरमोक्टिन पांच वर्ष की उम्र के बाद ही दिया जाए , ऊंचाई के आधार पर तथा डी0ई0सी0 एवं एल्बेंडाजोल उम्र के आधार पर दिया जाये । उन्होंने कहा कि एम0डी0ए0 के दौरान डी0ई0सी0 व एल्बेंडाजोल के साथ आइवरमोक्टिन दिए जाने से माइक्रो फाइलेरिया जल्द खत्म होता है ।  आइवरमोक्टिन खुजली व हुकवर्म और जू जैसी समस्याओं के खात्मे में मदद करता है । इस पखवाड़ा में चार प्रकार की दवाएं उम्र के अनुसार खिलाये जाने को कहा, जिससे पेट के अन्य खतरनाक परजीवी भी मर जाते है । उन्होंने कहा कि यह दवा दो वर्ष की आयु के ऊपर महिलाओं, पुरुषो, बच्चों को शतप्रतिशत खाएं । उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोग में पैर मोटा हो जाता है जिसे हाथी पांव कहते है । यह बीमारी डेंगू मच्छर के काटने से होती है । इसके बचाव हेतु मच्छरदानी का प्रयोग करे और घर की साफ सफाई रखे व छत पर पानी का जमाव न होने दे । उन्होंने बालिकाओं से कहा कि आप लोग प्लास्टिक का प्रयोग न करे ,यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है । बाजार जाए तो कपड़े का थैला लेकर जाए । अपने घरों को पालीथीन मुक्त बनाये ।
मुख्य विकास अधिकारी थमीम अंसरिया ए0 ने कहा कि फाइलेरिया पखवाड़ा में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में ऐनम, आशाओं के माध्यम से शतप्रतिशत दवा खिलाई जाएगी । इस अभियान में प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग अपेक्षित है तभी बीमारी से छुटकारा पा सकेंगे ।
    इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 उमाकान्त पांडेय, प्रधानाचार्या जीजीआईसी फतेहपुर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं छात्राएं उपस्थित रही ।

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां