पंकज त्रिपाठी बन सकते भाजपा के जिला अध्यक्ष ?


फ़तेहपुर , 18 नवम्बर। सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी की भावी ज़िला अध्यक्षी को लेकर कई क़द्दावर नेता पार्टी व संघ के जिम्मेदारो के यहाँ गणेश परिक्रमा लगाने में जुट गये है। इस प्रतिष्ठित पद को हथियाने के लिये आधा दर्जन के क़रीब भाजपाईयो के नाम हाईकमान स्तर पर चर्चा में है किन्तु मौजूदा परिस्थितियों में कोल्डड्रिंक व सीमेंट किंग पंकज त्रिपाठी की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है।
     उल्लेखनीय है कि भाजपा में स्थानीय स्तर पर व्याप्त गुटबाज़ी और जनप्रतिनिधियो के बीच खिंची तलवारों के बीच आगामी 20 नवम्बर को नये ज़िला अध्यक्ष का चुनाव होना है, जो हमेशा औपचारिकता मात्र रहाँ! ऐसी सम्भावनाओ से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इस बार भी संगठन के मुखिया का चुनाव कम से कम इस जनपद में औपचारिकता मात्र रहे, जैसा कि अब तक के हालातों से तय माना जा रहा है।
     ग़ौरतलब है कि केन्द्र और प्रदेश में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी की ज़िला अध्यक्षी हथियाने के लिये प्रमुख रूप से मौजूदा ज़िला अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, पूर्व ज़िला अध्यक्ष दिनेश बाजपेई, कोल्डड्रिंक एवं सीमेंट किंग पंकज त्रिपाठी, प्रदीप बाजपेई, पंकज त्रिवेदी व बैजनाथ वर्मा समेत दर्जन भर के क़रीब भाजपाईयो ने दावा ठोका था किंतु पार्टी द्वारा ब्राह्मण ज़िला अध्यक्ष बनाने का मसौदा तैयार किये जाने से क्षत्रिय व पिछड़ी जाति के अधिकांश दावेदारों ने स्वतः अपनी दावेदारी वापस ले ली है। अब दावेदारों में ज़्यादातर ब्राह्मण व एक-दो ही दूसरी जातियों से बचे है। यह अलग बात है कि अध्यक्षी के लिये नामांकन के समय कई और के भी नामांकन हों किन्तु यह तय है कि अगला ज़िलाध्यक्ष भी ब्राह्मण ही होगा।
      सूत्रों की माने तो मौजूदा ज़िला अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी के पक्ष में राज्य मंत्री धुंनी सिंह अकेले खड़े है। यह अलग बात है कि सदर विधायक विक्रम सिंह ने भी कोतवाली काण्ड के बाद साथ देने का आश्वासन दिया था, किन्तु धुंनी और विक्रम दोनो के हाथ ख़ाली (वोटर) होने से प्रमोद की विदाई लगभग तय मानी जा रही है! वही पूर्व ज़िला अध्यक्ष दिनेश बाजपेई के लिये केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति तो प्रतिष्ठा लगाये है किंतु दिनेश का पिछला कार्यकाल निर्विवाद न होना उनके दावे को स्वतः कमज़ोर कर देता है।
     कहते है कि निरंजन ज्योति को इसका अंदाज़ा होने से वह दूसरे विकल्प पर भी गंभीर है, किंतु दूसरे जनप्रतिनिधियो से तनातनी के चलते वह शान्त रहना ही मुनासिब समझ रही है। फ़िलहाल कृष्णा पासवान व करन सिंह पटेल ने पत्ते नहीं खोले हैe किंतु ऐसी संभावनायें बलवती है कि दिनेश बाजपेई के लिये तो राज़ी नहीं ही होंगे।
       ऊपर तक तगड़ी सेटिंग करने के बाद इस चुनाव के दृष्टिगत सर्वाधिक वोटों के मालिक अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता का समर्थन प्राप्त कर लेने से पंकज त्रिपाठी की राह काफ़ी कुछ आसान जान पड़ती है। सूत्रों का कहना है कि पंकज त्रिपाठी के नाम पर निरंजन ज्योति भी शायद ही विरोध करे, जबकि विकास का मामला हो तो धुंनी सिंह भी विरोध नहीं ही करेंगे! ऐसे में अन्य विधायक भी पंकज के नाम पर रज़ामंद हो जायेंगे, ऐसा मौजूदा हालतो से कहा जा सकता है! वैसे पंकज को एक मात्र ख़तरा दिनेश बाजपेई के लिये निरंजन ज्योति के पैंतरे से अनुमानित है, जिसकी भी सम्भावना अब काफ़ी कम लगती है....! ऐसे में सूत्र पंकज त्रिपाठी की ताजपोशी लगभग तय मान रहे हैं।

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां