जमीनी हकीकत से परे है फतेहपुर का भाजपा संगठन


रवीन्र्द त्रिपाठी-
फ़तेहपुर , 18 नवम्बर। दुनिया में सबसे बड़ी सियासी पार्टी होने का दम्भ भरने वाली भाजपा संगठन की ज़मीनी हक़ीक़त दावों के सर्वथा विपरीत हैं! हाल में सम्पन्न हुए संगठनात्मक चुनाव में जिले के 23 मंडलो में सिर्फ़ 13 मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो पाई है। वही प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ़ धुंनी सिंह के निर्वाचन क्षेत्र हुसैनगंज विधान सभा क्षेत्र में एक भी मंडल अध्यक्ष व प्रतिनिधि की घोषणा नहीं हो पाई है। यानी संगठन के भावी ज़िला अध्यक्ष के चुनाव में हुसैनगंज विधान सभा क्षेत्र की भूमिका नगंड़्य होगी! वही सदर विधान सभा क्षेत्र में सिर्फ़ 01 मण्डल अध्यक्ष की घोषणा हुई है। मंडलो में अध्यक्ष तो 13 चुने गये है किन्तु प्रतिनिधि 17 चुनकर आने से कुल वोटरों की संख्या 30 हो गई हैं।
    उल्लेखनीय है कि आगामी 20 नवम्बर को भाजपा के नये ज़िलाध्यक्ष के लिये चुनावी प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस चुनाव में मण्डल अध्यक्षों की भूमिका अहम होती है। जिले में भाजपा के संगठनात्मक द्रस्टिगत कुल 23 मण्डल है, जिनमें सिर्फ़ 13 मण्डल अध्यक्ष ही चुने जा सके है। इसमें फ़तेहपुर विधान सभा क्षेत्र में 04 मंडल है जिनमे सिर्फ़ 01 मण्डल अध्यक्ष की ही घोषणा हुई है। खाग़ा विधान सभा क्षेत्र में भी 04 मंडल है जिनमे सिर्फ़ 03 मण्डल अध्यक्ष की ही घोषणा हुई है। बिंदकी विधान सभा क्षेत्र के 04 मंडलो मे सिर्फ़ 03 मण्डल अध्यक्ष घोषित हुए है। जहानाबाद विधान सभा क्षेत्र में 04 मंडल है जिनमे भी सिर्फ़ 03 मण्डल अध्यक्ष की घोषणा हुई है। अकेले अयाह शाह विधान सभा क्षेत्र ऐसा है जहाँ सभी मण्डल अध्यक्ष घोषित हो गये है। यानी कि ज़िला अध्यक्ष के चुनाव में अयाह शाह क्षेत्र की भूमिका ख़ासी महत्वपूर्ण होने वाली है!
     सूत्र बताते है कि भाजपा के भावी ज़िला अध्यक्ष के चुनाव में मंडलो की भूमिका पर नज़र डाले तो पता चलता है कि हुसैनगंज विधान सभा क्षेत्र की भूमिका नगंड़्य होगी। बड़ी बात यह है कि यह क्षेत्र प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ़ धुंनी सिंह का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण हाईप्रोफ़ाइल माना जाता है किन्तु एक भी मण्डल अध्यक्ष का न चुना जाना अपने आप में बड़ी बात है। वही सदर विधान सभा क्षेत्र की भी स्थित कोई बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। जनपद मुख्यालय से जुड़े होने के कारण यहाँ पार्टी का हमेशा से ख़ास फ़ोकस होता है। यहाँ से चंद्रा स्वामी के परम शिष्य ठा० विक्रम सिंह विधायक है और भाजपा की राजनीति में उनका क़द काफ़ी बड़ा माना जाता है। बावजूद इसके 04 मण्डलो में सिर्फ़ 01 मण्डल अध्यक्ष की घोषणा हो पाना अपने आप में बड़ी ख़ामी कही जा सकती है। इसी तरह कृष्णा पासवान के क्षेत्र खाग़ा, करन सिंह पटेल के क्षेत्र बिंदकी और जहानाबाद से भी 01-01 मण्डल में चुनावी प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई। अकेले विधायक विकास गुप्त के क्षेत्र अयाह शाह में सारे मंडलो की निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण हुई और सभी मंडलो के अध्यक्ष भी घोषित हो गये। इस क्षेत्र की भावी ज़िला अध्यक्ष के चुनाव में ख़ासी दख़ल होगी इन संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता हैं।
      भारतीय जनता पार्टी के भावी ज़िला अध्यक्ष के चुनाव में एक मण्डल से 02 वोटर होते है। अगर सभी 23 मंडलो में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होती तो 46 वोटर होते किंतु सिर्फ़ 13 मंडलो में ही चुनाव प्रक्रिया पूर्ण हो पाई है, इसलियेमंडलो से सिर्फ़ 30 वोटर ही मताधिकार का प्रयोग कर पायेंगे।
    अलग-अलग विधान सभाओं से वोटरों की मौजूदा संख्या पर ग़ौर करे तो पता चलता है कि हुसैनगंज क्षेत्र से कुल 08 वोटर है, इस चुनाव में सहभागिता 00 रहेगी। इसी तरह खाग़ा क्षेत्र से भी कुल 08 वोटर है, इस चुनाव में सहभागिता 07 की रहेगी। बिंदकी क्षेत्र से कुल 08 वोटर है, इस चुनाव में सहभागिता 06 की रहेगी। जहानाबाद क्षेत्र से कुल 08 वोटर है, इस चुनाव में सहभागिता 06 की रहेगी। फ़तेहपुर सदर क्षेत्र से कुल 08 वोटर हैं।
    ज़िला अध्यक्ष बनने के लिये किसी को भी नामांकन के समय कुल मतदाताओं का 10 फ़ीसदी वोटरों का समर्थन हासिल करना ही होगा। यानी की अनुमोदक व प्रस्तावक के लिए कम से कम तीन वोटर की ज़रूरत होगी ही, तभी आगे की बात बनेगी।

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