हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिशाल बना मोहम्मदी जुलूस

                           


फतेहपुर, 10 नवम्बर। राष्ट्रीय ध्वज एवं मजहबी झंडे के साथ ईद मिलादुन्नबी का जुलूस रविवार को हिंदुस्तान ज़िदाबाद एवं नारे रिसालत या रसूल अल्लाह के नारों के साथ निकाला गया जो शहर व कस्बों के निर्धारित मार्गो से होता हुआ निकला।
 इस्लाम धर्म के संस्थापक एवं प्रचारक व ईश्वर के अंतिम दूत मोहम्मद साहब के जन्म दिवस के मौके पर शनिवार शाम से ही शहर,कस्बों व मुस्लिम आबादी वाले गांवों की सभी दरगाहों व मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाकर रंगीन रोशनी से जगमगा कर पूरी रात तिलावते कुरान पाक,नात एवं तक़रीर के माध्यम से मोहम्मद साहब के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला गया। रविवार की सुबह से ही शहर व कस्बों में  स्थित अनेक दरगाहों में अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ी।
जहानाबाद कस्बा में हज़रत सैय्यद शाह जमाल उल औलिया रह० के आस्ताने से मोहम्मद आलम, मो० आरिफ़ उर्फ गुड्डू सेठ, सै०आबिद हसन, हाफ़िज़ अनवारूल हक़, क़ारी नसीरुद्दीन खान, मौलाना मोहम्मद शफी खां नूरी की देखरेख में ईद मिलादुन्नबी नबी का जुलूस निकाला गया। बारावफात का जुलूस गंगा जमुनी तहज़ीब के अंतर्गत जुलूस के हमराह राष्ट्रीय ध्वज व इस्लामी ध्वज के साथ-साथ हिंदुस्तान जिंदाबाद एवं नारे रिसालत या रसूल अल्लाह, तथा नारे तकबीर अल्लाहो अकबर के गगनभेदी नारों ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। जुलूस के दौरान जगह-जगह पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। फतेहपुर शहर में भी निर्धारित रुट सो मोहम्मदी जुलूस निकाला गया। अमन शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संजीव सिंह,पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा।सीडीओ थमीम अन्सारिया,सीओ सिटी केडी मिश्र बिंदकी में एसडीएम प्रहलाद सिंह,सीओ अभिषेक। तिवारी आदि ने जुलूस में अपनी पैनी नजर बनाये रखी।

- रवींद्र त्रिपाठी

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