वर्ष 2004 से अब तक तकरीबन तीन करोड़ रुपये की सड़क व बैंक डकैती में संलिप्त माधव दास गैंग का सक्रिय सदस्य नसीम खान उर्फ जब्बार चढ़ा दुमका पुलिस के हत्थे


माह दिसम्बर 2018 में भागलपुर (बिहार) के अपने सहयोगियों के साथ पी एन बी, दुमका से 31 लाख रुपये की लूट को अंजाम देने वाले झारखण्ड, बिहार, बंगाल व उड़ीसा में बैंक लूट का सरगना माधव दास (गया, बिहार) के गिरोह का सक्रिय सदस्य व कुख्यात अपराधी नसीम खान को दुमका पुलिस ने दिन बुधवार की रात को पुसारो पुल, दुमका के समीप से गिरफतार कर लिया। एस पी काॅन्फ्रेंस हाॅल, दुमका में पत्रकारों के साथ वार्ता में उपरोक्त आशय की जानकारी एस पी दुमका वाई एस रमेश ने दी। पुलिस कप्तान वाई एस रमेश ने जानकारी देते हुए कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर दिन बुधवार को रात्रि गश्ती पर निकले टाउन थाना की पुलिस ने पुसारो पुल के समीप संदिग्ध हालत में एक अपराधी को एक देशी पिस्टल व गोली के साथ पकड़ा। पूछताछ के क्रम में पुलिस के हत्थे चढ़े बरही (हजारीबाग) निवासी नसीम खान उर्फ जब्बार (उम्र 49) ने स्वीकार किया कि बैंक डकैती व सड़क लूट की कई घटनाओं का वह वांछित अपराधी रहा है। इन दिनों वह ज्योति पार्क गली नं0-13-625/ 28 गुड़गांव (हरियाणा) में रहता है। पुलिस के हत्थे चढ़े अपराधी नसीम खान ने यह स्वीकार किया कि वर्ष 2004 से अब तक उसने तकरीबन 15 सड़क लूट व बैंक लूट को अंजाम दिया है। दिसम्बर 2018 में दुमका के पीएनबी में हुए भारी राशि लूट कांड मंे उसकी गहरी संलिप्तता रही है। पुलिस कप्तान वाई एस रमेश ने कहा कि वर्ष 2004 में हजारीबाग निवासी अपने बहनोई सराफत अंसारी के कहने पर पहली मर्तबा धनबाद (झारखण्ड) से औरंगाबाद (बिहार) जा रही अजीत-अरविंद बस में बरही श्रीनगर के समीप सराफत अंसारी, लखन मेहता, कामदेव मेहता व प्रदीप शाह की शह पर डकैती की थी जिसमें उसे मात्र 5 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।  इसी वर्ष टाटा से पटना जा रही बस में नेशनल पार्क के समीप उपरोक्त वर्णित तमाम अपराधियों के सहित सिन्धो महतो के साथ बस डकैती को अंजाम दिया था। इस कांड में उसका बहनोई सराफत अंसारी पकड़ा गया। निरसा पुलिस ने अभियुक्त नसीम खान को हथियार सहित गिरफतार कर आम्र्स एक्ट के तहत उसे धनबाद जेल भेज दिया था। धनबाद से उसे स्थानान्तरित कर हजारीबाग जेल ले जाया गया। हजारीबाग जेल में ही उसकी दोस्ती माधव दास व राजेश पोद्दार से हुई थी। जेल में ही राजेश पोद्दार ने उसे बंगाल में बैंक डकैती के लिये उकसाया। वर्ष 2006 में हुगली जेल से छूटकर सभी हुगली चले गए और सावड़ा (हुगली) में यूनाईटेड बैंक में माधव दास, कमलेश सिंह, प्रभुनाथ सिंह, राजेश सिन्हा, पंकज दास, निरज दास के साथ 2, 70, 000 (दो लाख सत्तर हजार) रुपये की लूट को अंजाम दिया था। वर्ष 2006-07 में माधव दास, आलोक उर्फ मास्टर पंकज, निरज, अमित व राजेश  सिन्हा के साथ श्रीरामपुर (हुगली) में तीन लाख रुपये लूटे थे। इसी तरह यूनाईटेड बैंक में विष्णुधारी दास उर्फ किशोरी, राजेश सिन्हा, अमित दास, माधव दास, राजेश दास, व निरज दास के साथ चन्दन नगर कोर्ट के समीप स्थित यूनाईटेड बैंक से 35 लाख, बाबू बाजार (हुगली) स्थित यूको बैंक से 8 लाख, वर्ष 2008 में पीएनबी पुरुलिया से 84 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। इस घटना में रुपये के बँटवारे को लेकर माधव दास से झगड़ा हो गया। परिणामस्वरुप माधव दास के गिरोह से अलग होकर रंजीत दास (धनगोर, देवघर) दुर्गा यादव (रजौन, बांका) चुन्नू अंसारी (बांका) धनन्जय (गया) बबलू अंसारी उर्फ मुस्लिम (बिरनी, गिरिडीह) सुकुर मंडल व बैदुल मंडल (दोनों मुर्शिदाबाद) मुख्तार अंसारी (गिरिडीह) अमित दास (देवघर) राजेश उर्फ राजू शर्मा (मुंगेर) व सुनील पाण्डेय (नवादा) के साथ मिलकर एक गैंग बनाकर काम शुरु कर दिया। इसी बीच बंगाल पुलिस गुड़गांव (हरियाणा) से उसे गिरफतार कर बंगाल ले आयी। एक वर्ष जेल में रहने के बाद वह छूट गया। वर्ष 2009 में ग्रामीण बैंक, दुमका में बैंक लूट के प्रयास में वह पकड़ा गया। दुमका जेल में गिरफतार कर उसे डाल दिया गया। बाद में पुरुलिया पुलिस उसे रिमांड पर पुरुलिया ले गई। नोखा (सासाराम) में वर्ष 2011 में सहयोगी पंकज, निरज, नसीम शेख, योगेन्द्र दास, मुस्लिम अंसारी (शिवरतन दास) के साथ इसने 62 लाख रुपये के लूट को अंजाम दिया था। वर्ष 2012 में बरहमपुर स्थित ग्रामीण विकास बैंक से सुकुर मंडल, वैदूर मंडल व बबलू अंसारी के सहयोग से 14 लाख रुपये की लूट के बाद देवीपुर (देवघर) में चेकिंग के दौरान वह पकड़ा गया था जहाँ पूरी राशि  बरामद कर ली गई थी। वर्ष 2014 में बैंडेल (हुगली) में राजेश पाण्डेय, रंजीत दास, अमित दास, अख्तर अंसारी व दुर्गा यादव उर्फ दीपक यादव के साथ पंजाब एण्ड सिंध बैंक में 8 लाख रुपये की बैंक डकैती को अंजाम दिया था। इसी वर्ष बाउड़िया (हावड़ा) स्थित एटीएम कैस वेन से एटीएम रुपया डालने जा रहे वाहन से अपने सहयोगियों राजेश  पाण्डेय, सुनिल पाण्डेय, रंजीत दास, दुर्गा यादव व मनोकामना सिंह के साथ 7 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। वर्ष 2016 मंे चुन्नू अंसारी, रंजीत दास, राजू शर्मा, धनंजय सिंह के सहयोग से कटैली (बांका) स्थित कैनरा बैंक में 3 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। लूट की इस घटना के बाद बांका पुलिस ने अभियुक्त को भुवनेश्वर  एयरपोर्ट से उसे गिरफतार कर लिया था। इसी तरह वर्ष 2018 में अभियुक्त ने बरहट थाना (जमुई, बिहार) स्थित ग्रामीण बैंक से अपने सहयोगियों उत्तम राम उर्फ सूरज, लक्ष्मण राय, प्रमोद यादव व रंजीत मांझी के साथ 8 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। घटना के बाद रंजीत मांझी, लक्ष्मण राय व प्रमोद यादव पकड़े गए। नगर थाना (दुमका) कांड संख्या 245/ 19 दिनांक 06.11.2019 व धारा 25 (1-बी) शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफतार अभियुक्त नसीम खान उर्फ जब्बार सहित एक और अभियुक्त बालो पासवान की गिरफतारी हो चुकी है। कांड मंे वांछित अभियुक्तों कन्हैया यादव, सनोज यादव की गिरफतारी के लिये दुमका पुलिस लगातार छापेमारी अभियान मंे जुट गई है। पुलिस अधीक्षक दुमका वाई एस रमेश के अनुसार बस व बैंक डकैती में अक तक इस गिरोह के द्वारा तकरीबन 3 करोड़ रुपये की लूट की गई है। छापेमारी टीम में एसडीपीओ पूज्य प्रकाश सहित इन्स्पेक्टर मुफस्सिल थाना दुमका नवल किशोर सिंह, इन्स्पेक्टर व थानेदार नगर थाना दुमका देवव्रत पोद्दार, सब इन्स्पेक्टर अमित लकड़ा, छेदी पासवान, ट्रेनी एस आई राजेश कुमार, श्यामल कुमार मंडल, अजीत कुमार, भवेश कुमार रवानी, लखवीर सिंह चहल, ओम प्रकाश सिंह व सिपाही चोकरो इचागुटू शामिल थे।

-अमरेन्द्र सुमन, दुमका
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